घुटनों को मोड़ते, सीढ़ियाँ चढ़ते या बैठकर उठते समय कट-कट की आवाज आना एक आम समस्या है। कई लोगों को घुटनों से चटकने या चरमराने जैसी आवाज सुनाई देती है। इसे मेडिकल भाषा में क्रेपिटस (Crepitus) कहा जाता है। अक्सर यह आवाज बिना दर्द के आती है और हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती। हालांकि, अगर इसके साथ दर्द, सूजन या घुटने को हिलाने में परेशानी हो, तो इसकी जांच करवाना जरूरी है।
घुटनों में कट-कट की आवाज आने के प्रमुख कारण
1. जोड़ों में गैस के बुलबुले: घुटने के जोड़ में मौजूद तरल पदार्थ में छोटे गैस बुलबुले बनने और फूटने से चटकने जैसी आवाज आ सकती है। यदि दर्द या सूजन नहीं है, तो आमतौर पर यह चिंता का विषय नहीं होता।
2. कार्टिलेज का घिसना: कार्टिलेज हड्डियों के सिरों को ढकने वाली चिकनी परत होती है। उम्र बढ़ने या ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण इसके घिसने से घुटनों में आवाज, अकड़न और दर्द हो सकता है।
3. टेंडन या लिगामेंट का खिसकना: घुटने को मोड़ते या सीधा करते समय आसपास के टेंडन या लिगामेंट हड्डियों के ऊपर से खिसक सकते हैं, जिससे आवाज सुनाई दे सकती है।
4. मांसपेशियों की कमजोरी: जांघों की मांसपेशियां कमजोर होने पर घुटने के जोड़ पर दबाव बढ़ सकता है। इससे कुछ गतिविधियों के दौरान आवाज या असहजता महसूस हो सकती है।
5. घुटने की चोट: मेनिस्कस या लिगामेंट की चोट के कारण घुटने में क्लिकिंग, दर्द, सूजन या जोड़ के लॉक होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
घुटनों की आवाज के साथ कौन-से लक्षण चिंताजनक हैं?
यदि घुटनों में आवाज के साथ निम्न लक्षण दिखाई दें, तो ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से सलाह लें:
- लगातार या बढ़ता हुआ दर्द
- घुटने में सूजन, गर्माहट या लालिमा
- घुटने को पूरी तरह मोड़ने या सीधा करने में कठिनाई
- चलते समय घुटने का अस्थिर महसूस होना
- घुटने का लॉक हो जाना या चोट के बाद अचानक आवाज आना
यदि घुटना अचानक बहुत सूज जाए, उस पर वजन रखना मुश्किल हो या बुखार के साथ जोड़ लाल और गर्म हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
घुटनों की सेहत के लिए नियमित हल्का व्यायाम करें, जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाएं और शरीर का स्वस्थ वजन बनाए रखें। पैदल चलना, तैरना या विशेषज्ञ की सलाह से फिजियोथेरेपी करना मददगार हो सकता है। व्यायाम के दौरान दर्द बढ़े तो गतिविधि रोक दें। पर्याप्त प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन D युक्त संतुलित आहार भी हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए?
यदि घुटनों की आवाज बार-बार आती है और इसके साथ दर्द, सूजन या चलने में परेशानी होती है, तो जांच करवाएं। Orthopedic surgeon in Lucknow से परामर्श लेने पर लक्षणों के अनुसार शारीरिक जांच और जरूरत पड़ने पर एक्स-रे या अन्य जांच की सलाह दी जा सकती है। हर मरीज को स्कैन या सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती; उपचार समस्या के वास्तविक कारण पर निर्भर करता है।